
पानीपत का थर्मल प्लांट बनने के 39 साल बाद केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को अब लगा है कि इससे वायु प्रदूषण फैल रहा है। प्लांट से हानिकारक सल्फर डाईऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) मानक से अधिक निकलता है। इसलिए, बोर्ड ने पानीपत थर्मल के महाप्रबंधक को नोटिस जारी कर कहा है कि दिसंबर 2019 तक ठीक करें नहीं तो बंद कराएंगे। वहीं बोर्ड ने दूध प्रॉडक्ट बनाने वाली शहर की प्रसिद्ध डर्बी डेयरी सहित 5 बड़ी इंडस्ट्रीज को बंद करने का आदेश दिया है। 7 दिसंबर 2015 को पर्यावरण मंत्रालय ने नया नोटिफिकेशन जारी किया।
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